छात्राओं और अभिभावकों को कुल दो हजार पौधों का वितरण, भावुक माहौल में हरियाली का संकल्प
कोलकाता, 11 फरवरी। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बागनान स्थित मुर्गाबेड़िया स्कूल में एक अनूठी पहल देखने को मिली। विदा हो रही माध्यमिक कक्षा की छात्राओं को गंगामिशन की ओर से पारंपरिक उपहारों की बजाय पर्यावरण-संदेश से जुड़े विशेष उपहार प्रदान किए गए।
विदाई समारोह के अवसर पर सभी छात्राओं को एक-एक पौधा, मिठाई का पैकेट तथा एक कैलेंडर भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया। जैसे ही छात्राओं को पौधे सौंपे गए, उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह झलक उठा। कई छात्राओं ने इसे “जीवनभर याद रहने वाला उपहार” बताया और कहा कि वे इन पौधों को अपने घरों में रोपित कर उनकी देखभाल करेंगी।
समारोह में छात्राओं के साथ आए अभिभावकों का भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके लिए चाय-नाश्ते की विशेष व्यवस्था की गई और उन्हें भी पर्यावरण संरक्षण के संदेश के रूप में एक-एक पौधा प्रदान किया गया। इस पहल ने विद्यालय परिसर में भावनात्मक और सकारात्मक वातावरण का सृजन किया।
स्कूल के अध्यक्ष शेख आशिक रहमान ने गंगा मिशन की इस अनूठी पहल के लिए गंगामिशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रह्लादरॉय गोयनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो समाज में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि गंगामिशन का उद्देश्य केवल नदी संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना भी है।
इस अवसर पर कुल दो हजार पौधों का वितरण किया गया। इतनी बड़ी संख्या में पौधों का वितरण न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक ठोस प्रयास भी है। विद्यालय प्रबंधन ने गंगामिशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना को सुदृढ़ करती हैं।
विदाई समारोह इस बार केवल भावनाओं का क्षण नहीं रहा, बल्कि प्रकृति के प्रति प्रतिबद्धता का संकल्प भी बन गया। छात्राओं के हाथों में थमे पौधे भविष्य की हरियाली और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक प्रेरक संदेश दे रहे थे।